months name in hindi | हिन्दी कैलंडर महीनो व ऋतुओ के नाम क्या है?

months name in hindi महीनो के नाम हिन्दी मे | hindi months name हिन्दी मे महीनो के नाम |हिन्दू कैलंडर महीनो के नाम क्या है | months name of hindu calendar | rituo ke naam hindi mein-ऋतुओ के नाम हिन्दी मे.

अगर आप हिन्दी महीनो के नाम व उनकी ऋतुओ के नाम जानना चाहते हो तो आप इस आर्टिक्ल को अच्छे से पढे आपको सारी ऋतुओ व महीनो के नाम अच्छे से याद हो जाएंगे.

हिन्दी महीनो के नाम आज मॉडर्न जमाने मे कोई नही जानता क्योकि आज हमारा अंग्रेजी के बिना काम ही चलता है इसलिए अंग्रेजी को हर जगह प्राथमिकता दी जा रही है और हम हिन्दी को भूलते जा रहे है. अगर हम एक छोटे बच्चे से भी पूछे तो वो english months name आराम से बता देगा लेकिन हम hindi months name के बारे मे पूछें तो उसको इसके बारे मे उसे कुछ पता नही होगा.

इसलिए आज हम हिन्दी व अंग्रेजी व हिन्द दोनों मे 12 months name या 12 महीनो के नाम दिनो, हफ़्तों (weeks) और उनकी ऋतुओ के नाम जानेगे. सब कुछ अच्छे से जानने के लिए इस पोस्ट को पूरा पढ़िये.

12 महीनो के नाम hindi व अंग्रेजी मे 

हिन्दू कैलंडर के अनुसार महीनो के नाम व अंग्रेजी कैलंडर दोनों के अनुसार 12 महीने ही होते है लेकिन अंग्रेजी कैलंडर का हिसाब थोड़ा अलग है हिन्दी कैलंडर से. 

अपने हिन्दी कैलंडर के अनुसार नव वर्ष की शुरुआत चैत्र माह से प्रारंभ होता है जोकि अंग्रेजी कैलंडर के अनुसार मार्च और अप्रैल के मध्य मे होता है. हम जो नव वर्ष जनवरी मे मनाते है वो अंग्रेजी कैलंडर के अनुसार मनाया जाता है इसलिए हमारे काफी सारे काम अप्रैल मे ही start होते है. यहाँ तक हमारी primary और secondary schools का सत्र भी अप्रैल से ही स्टार्ट होता है.

हिन्दी कैलंडर के अनुसार प्रत्येक माह मे दो पक्ष होते है और ये दोनों पक्ष प्रत्येक 15 दिन के बाद बदल जाते है इन दोनों पक्षो के नाम निम्न है-

  • शुक्ल पक्ष
  • कृष्ण पक्ष

शुक्ल पक्ष

शुक्ल पक्ष का आरंभ अमावश्या के बाद से होता है जब चाँद या चंद्रमा पूरा काला हो जाये तब हम उसे अमावश्या या अमावश कहते है. अमावशया के बाद चाँद धीरे धीरे चमकना शुरू हो जाता है और चंद्रमा के पूरा चमकने पर पूर्णमासी के होती है.

months name in hindi

कृष्ण पक्ष

कृष्ण पक्ष का आरंभ पूर्णमासी के बाद से होता है जब चंद्रमा या चाँद पूरा सफ़ेद दिखाई दे तब हम उसे हम कृष्ण पक्ष कहते है. पूर्णमासी के बाद से चाँद धीरे- धीरे काला होने लगता है और अमावश्या के पहले तक के समय को हम कृष्ण पक्ष कहते है. 

months name in hindi

हिन्दी महीनो के नाम – months name in hindi

hindi months name chart | hindi months name chart with english calendar | हिन्दी (हिन्दू) महीनो के नाम व उसका chart english महीनो के नाम के साथ. ये सारे months name हिन्दी पंचांग के अनुसार है और अँग्रेजी मे ये कब-कब आते है.ये निम्न है-

   Hindi Months Name   English Months Name
चैत्र(चैत)    मार्च – अप्रैल
  वैशाख(वैसाख)  अप्रैल- मई
  जयेष्ठ(जेठ)मई-जून
  आषाढ़   जून-जुलाई
  श्रावण(सावन)        जुलाई-अगस्त
  भाद्रपद(भादों)            अगस्त-सितम्बर
  आश्विन              सितम्बर-अक्तूबर
  कार्तिक(कातिक)            अक्तूबर-नवम्बर
 अग्रहण (अगहन)             नवम्बर-दिसम्बर
  पौष(पूष)             दिसम्बर-जनवरी
मार्गशीर्ष- माघ          जनवरी-फरवरी
  फाल्गुन(फागुन)       फरवरी-मार्च

ये है hindi months name chart जिसमे पहले हिन्दी मे माह या महीने का नाम उसके बाद अँग्रेजी के किस-किस माह के बीच पड़ता है उसको हमने आपको अच्छे से इस table मे दर्शाया है. हमारे सारे धार्मिक अनुष्ठान हिन्दी पंचांग के अनुसार ही होता है.

हिन्दी महीनो के नाम व उनकी English

हिन्दी पंचांग का हमारे जीवन मे बहुत महत्व है इसके बिना हमारे कई कामो मे अर्चन आ सकती है हमारे पंचांग को देखकर ही शादी, जन्म, या जब पंडित किसी भी आदमी की हस्तरेखा देखते है तो वहाँ हिन्दी पंचांग का बहुत महत्व होता है. हिन्दी कैलंडर के पीछे आपकी ग्रहदशा के बारे मे काफी कुछ दे रखा होता है.

आपको उसको देखकर अपने जीवन मे कुछ बहेतर करने का सोच सकते है और और अपने जीवन मे नई संभावनाओ को पाने के लिए अग्रसर हो सकते है लेकिन आपको अपने उपर जायेदा भरोसा होना चाहिए न की भविष्यवाणी वाली बातों या लोगो की कही बातों पर रखना चाहिए.

महीनो के नाम व उनकी इंग्लिश

 Serial No.Hindi Months name English
 1stचैत्र (चैत)Chaitra
2nd   वैशाख(वैशाख)Vaishakh
3rdजयेष्ठ(जेठ)Jyestha
4th आषाढ़ (माघ)Ashadh
5th     श्रावण (सावन)Sravan
6th        भाद्रपक्ष (भादों)Bhadra
7thअश्विनAshwin
8th     कार्तिक (कातिक)Kartik
9th       अग्रहण(अगहन)Agrhan
10thपौष(पूष)Pause
11th       मार्गशीर्ष-माघ(माह)Magh
12th  फाल्गुन(फागुन)Falgun

ये है महीनो के नाम व उनका इंग्लिश रूपान्तरण क्योकि कई बार हमे इंग्लिश मे इनके नामो की जरूरत पड़ जाती है इसलिए हमने आपको hindi महीनो का english रूपान्तरण भी दे दिया है.

महीने मे दिनो के नाम हिन्दी मे 

एक महीने मे 30 दिन,31 दिन,29 दिन या 28 दिन भी हो सकते है और प्रत्येक महीने मे दो पक्ष शुक्ल पक्ष और कृषन पक्ष होते है और इनही से पूरे महीने का निर्धारण किया जाता है.

महीने मे दिन जायेदा या कम हो सकते है लेकिन हिन्दी कलेंडर के अनुसार अमावश्य और पुर्णिमा निश्चित दिन ही होती है. ठीक 15वे दिन hindi या देशी पंचांग दिनो के अनुसार ये बदलते है इसलिए इनके बारे मे जानना बहुत जरूरी है. दिनो का पूरा चार्ट हमने आपको नीचे दिया है.

Days name in hindi

ये सारे days name पंचांग के अनुसार होंगे इसलिए आप इनको देखकर आपको पुराना culture जरूर याद आएगा. चलिये इनके बारे मे जान लेते हैक्योकि पहले सिर्फ इनका उपयोग ही किया जाता था. desi dino ke naam panchang ke anusar list.

 Serial No. Hindi (desi) days Name English 
1stप्रथमPratham
2ndद्तीयDvitiya
3rdतृतीयTritiya
4thचतुर्थीChaturthi
5thपंचमीPanchmi
6thषष्ठीShashthi
7thसप्तमीSaptami
8thअष्टमीAshtami
9thनवमीNavami
10thदशमीDashmi
11thएकादशीEkadashi
12thद्वादशीDvadashi
13thतृयोदशीTriyodashi
14thचतुर्दशीShaturdashi
15thपुर्णिमा या अमावश्यPurnima or Amavashay

इस चार्ट मे hindi me mahino ke dino ke naam क्या है यहाँ पर आप देख सकते है. हिन्दी दिनो का ये चक्र ऐसे ही 15 दिन के बाद बदलता रहता है. मुझे आशा है कि आपको समझ मे आ गया होगा कि देशी भाषा मे महीनो व उनके दिनो के नाम क्या है. आप मुझे कमेंट करके जरूर बताएं.

जैसे दिनो के नाम अपने हिन्दी मे अच्छे से समझे वैसे ही हम ऋतुओ के बारे मे अच्छे से समझ लेते है और उनका समय चक्र क्या है वो कैसे बदलते है और भारत मे कितने प्रकार कि ऋतुए पाई जाती है.इसके बारे मे जान लेते है.

ऋतुओ के नाम हिन्दी मे- rituo ke naam hindi mein

हर साल समय के अनुसार जलवायु,मौसम और तापमान मे होने वाले परिवर्तन के समयचक्र को ऋतु कहा जाता है. हमारी प्रथ्वी सूर्य के चरो ओर परिक्रमा या भ्रमण करती है इसी कारण सूर्य के प्रकाश मे परिवर्तन होता रहता है. इसी से अलग-अलग ऋतुए बदलती है.

परंतु ये ऋतुए जगह एक जैसी नही रहती है कुछ जगह ऐसी भी है जहां पर सिर्फ गर्मी रहती है और कुछ जगह जहां पर कुछ समय तक सिर्फ ठंड रहती है. वहां मौसम मे जायेदा परिवर्तन देखने को नही मिलता है. ये पाँच देश है जहां कुछ समय तक सिर्फ दिन रहता है जैसे- नौर्वे,स्वीडन,फ़िनलैंड, कनाडा और आइसलैंड इत्यादि.

इसके अलावा कुछ ऐसे देश भी है जहां पर कुछ समय तक रात ही रहती है जैसे- Tromso(ट्रोम्सो) 

rituo ke naam hindi mein

अलग-अलग देश मे अलग-अलग प्रकार की ऋतुए पाई जाती है अब आपके मन मे सवाल होगा की भारत मे कितने प्रकार की ऋतुए पाई जाती है.

भारत मे  एक साल मे 6 प्रकार की ऋतुए पाई जाती है लेकिन कुछ अलग देशो की बात करें तो कहीं 4 प्रकार की ऋतुए पाई जाती है तो कहीं 2 प्रकार की ऋतुए ही पाई जाती है.

भारत, भूटान और बांग्लादेश मे मुख्य रूप से 6 प्रकार की ऋतुए पाई जाती है.

अगर हम कुछ European Countries की बात करें जैसे ब्रिटेन,फ्रांस,नीदरलैंड,स्पेन इत्यादि मे सिर्फ 4 (चार) प्रकार की ऋतुए पाई जाती है वहीं कोम्बोडिया,औस्ट्रेलिया फ्लिपींस इत्यादि मे सिर्फ 2 ही ऋतुए होती है.

भारत मे पाई जाने वाली 6 ऋतुओ के नाम निम्न है 

Season Name English Season Name HindiBetween Months 
Spring Season    वसंत ऋतु फरवरी-अप्रैल
Summer Seasonग्रीष्म ऋतुअप्रैल-जून
Monsoonवर्षा ऋतुजून-अगस्त
Autumn Seasonशरद ऋतुअगस्त-अक्तूबर
Pre-Winterहेमंत ऋतुअक्तूबर-दिसंबर
Winterशिशिर ऋतुदिसंबर-फरवरी

ये है भारत मे पाई जाने वाली प्रमुख 6 छह ऋतुओ के नाम व किस महीने से लेकर कब तक ये रहती है ये सारी list यहाँ पर दी गई है आप देख सकते है.

Also Read..

ews certificate क्या है और कैसे बनवाए?

Google drive business के लिए ऑर्गनाइज़ कैसे करें?

caneup गन्ना पर्ची कलेंडर कैसे देखें?

क्या आपको मालूम है

पंचांग जिसका हमारे जीवन मे इतना महत्व है जिसके बिना हमारे जीवन के कुछ काम हिन्दी पचांग के बिना नही किए जा सकते है इसलिए पंचांग के बारे मे हम अच्छे से जान लेते है.

कलेंडर  जिसका हिन्दी रूपान्तरण पंचांग होता है संस्कृत के (पंच+ अंगम) से मिलकर बना है जिसका अर्थ पाँच अभिन्न अंग होता है और ज्योतिष शास्त्र के इन पाँच अंगो की जानकारी पंचांग मे मिलती है. ज्योतिष शास्त्र के ये पाँच अंग तिथि,वार,करण,योग और नक्षत्र है.

सूर्य और चंद्रमा के बीच अंतर होने से तिथि (date) का निर्माण होता है जब चंद्रमा और सूर्य एक दूसरे के आमने सामने होते है तब पूर्णमाशी या पुर्णिमा होती है और जब एक साथ होते है तब अमावश्या(अमावश) होती है.

पूर्ण गृह सात (सप्त) होने के कारण ही सात दिनो या सप्तवार की रचना की गई. इस दुनिया मे जो भी है उसका होने का एक मकसद है कुछ भी वेवजह इस दुनिया मे नही है.

इसके साथ ही अगर आपको पंचांग के बारे मे और जानना तो आप wikipedia/calendar के इस article को पढ़ सकते है.

Disclaimer

मुझे आशा है की आपको months name in hindi, rituo ke naam hindi mein व उनके दिनो के नाम अच्छे से समझ मे आए होंगे. अगर आपको आपको कुछ समझने मे परेशानी है तो आप हमे कमेंट करके बता सकते है. 

हम आपकी quiery को जल्द से जल्द solve करने की कोशिश करेंगे.धन्यवाद!

Leave a Comment